Lesson: 1 ("बातचीत")
Ans:- अगर हमें वाक् शक्ति न होती तो पूरी दुनिया गूंगी होती तथा कोई भी व्यक्ति अपने अनुभव की बातें दूसरों को नहीं कह पता। सभी इशारों सेेेेे अपने अनुभव को कह पाते।
2. आर्ट ऑफ कन्वरसेशन क्या है ?
Ans:- बोलने की वह कला जो सहज हो किन्तु सुनने में कान को सुख मिले, बातचीत करने वाले को रस मिले तथा एक दूसरे की चतुराई योग्यता और दक्षयता का पता चले, आर्ट ऑफ कन्वरसेशन कहलाता है।
3. बातचीत से हमें क्या मिलता है ?
Ans:- बातचीत से मन में जमा मवाद या गुवार निकाल जाता है तथा एक खास तरह का मजा आता है। जो मन को संतोष और सुख देता है।
4. सच है जब तक मनुष्य बोलता नहीं तब तक उसका गुण दोष प्रकट नहीं होता ? व्याख्या करें ––
Ans:- यह पंक्ति बालकृष्ण भट्ट के निबंध "बातचीत" से लिया गया है। इसमें एक अनुभव को सिद्ध किया गया है। जब तक आदमी चुप रहता हैैैैैैैैैैै तब तक पता नहीं लगता हैं कि उसका स्वभाव कैसा है, उसकी रूचि क्या है और उसका दूसरे के साथ व्यवहार कैसा है। लेकिन जब वह बोलने लगता है तो उसका असली रूप प्रकट हो जाता है। इससे लोगों को पता लग जाता है कि व्यक्ति का स्वभाव कैसा है।
5. Objective
(a) बाल कृष्ण भट्ट
• बातचीत पाठ की विद्या क्या है ?
(b) निबंध
• अगर हमें वाक् शक्ति न होती तो क्या होता ?
(c) गूंगी
समाप्त..!!


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